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शायरी – अपने समाज में आजादी कब मिलेगी | shayari image and love stories
शायरी फिरंगियों से तो आजादी मिल गई हमें अपने समाज में आजादी कब मिलेगी इस समाज के चप्पे चप्पे पर बैठें हैं जो उन ठेकेदारों से आजादी कब मिलेगी…