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सूर्य पर ध्यान दो!
”मनुष्य शुभ है या अशुभ?” मैंने कहा, स्वरूपत: शुभ. और, इस आशा व अपेक्षा को सबल होने दो. क्योंकि जीवन के ऊर्ध्वगमन के लिए इससे अधिक महत्वपूर्ण और कुछ नहीं है.” एक राजा की कथा है जिस…