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क्युं बोलती ये निगाहे ?
अखियां बोलती है बस पढ़ना अाना चाहिये । हमारी तो निगाहे ही है अाईना दिल का । जमाने को राज छिपाने में अाता है लुत्फ । हमारा तो छिपाने से उड़ जाता है लुत्फ । तू ही बता, जमाने! सिखा दे राज छिपाने । हम …