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Tale of a Dying Woman – Deergh Path
दीर्घ पथ पर एक अबला ,अपने क्षण को काट रही थी। नेत्र बुझे उसके दोनों थे,शायद आँखोँ में प्यास रही थी। नभ में अवतरित मेघ काले थे,मन मन में कुछ फुसफुसा रही थी। सफर कटा अब कटता ही चला,मृत्यु भी तो समीप …