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Hindi Poem on Diwali – Diwali Ka Tyohaar
राम चंद्र जी सीता जी संग आयोध्या लौट के आये आयोध्या वासियो ने ख़ुशी में घी के दीये जलाये दिवाली का पर्व चलो मिलकर सब मनायें पटाखों का धुंआ नहीं दीपमाला जलायें रंगों भरी रंगोली हो मिठाई से भरी थाली ह…