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Hindi Poem on Success – Kaamyabi
कामयाबी क्यूँ न हमे मिले, जब चलना हमारा काम है। रास्ते कभी न रोक सके, जब पैरो मे अपने जान है। सीखा है हमने ये सदा, जीते तो दुनिया गुलाम है। अपने प्रण मे रहे हम द्रण, माँगा ये वरदान है। कामयाबी क्यू…