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Hindi Poem on Bird Crow – Kav Kav
काव काव करता ही जाये काला कौआ खूब सताये झूठ बोलो तो ये आ जाये आके चोंच मार भी जाये काला रंग इसको सुहाये लालच इसके मन में समाये दाना दो तो ये ले जाये अंडा हो तो ये आ जाये चलाकी इसकी रग रग समाये को…