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Hindi Poem on Flower – Phool
मुझे खिला हुआ देख है सब चहरे खिल जाए मेरी खुशबू सब दिशाओं को है महकाए कभी बागों में कभी घर में और कभी बालों में जाऊँ सजाए मुझे तोहफा देकर आशिक़ रूठा यार मनाए लाल, पीला, गुलाबी, नीला, सब रंग सबको भ…