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Longing for Love Poem – Kash Kash
काश…काश… कहने की हैं बातें डरता हूँ जब सोता हूँ रातें सोचता हूँ काश हम मिलें कुछ बोलें दर्द सिले कुछ न टोले चाहता नहीं हूँ पर चाहता भी हूँ क्यों यह रिश्ता नहीं जाता बरिस्ता चलो कुछ लम्हों के लिए बन…