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Hindi Love Poem-पता न चला
पता न चला, मै कहाँ खो गया उसके जुल्फों के नीचे, सहर हो गया एक मुस्कान जो, उसने मेरे नाम की तो पूरे शहर मे, कहर हो गया अब तो दबे पाँव, मिलने लगी तो सारा जमाना, लहर हो गया पूरी दुनिया जली, उसने उल्फत…