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Hindi Love Poem-अफ़साना मेरी मोहब्बत का
प्यार है तू मेरा मैं तेरी फिदाई जर जैसे बाल है तेरे हिरण जैसी आँखे चेरहा है गुल के जैसा दर्पण जैसी बातें अदाये है कमर के जैसी गुल के जैसी सासे परिवास भी फीकी लगती है सजन तुम्हारे आगे ये तेरी मोहब्ब…