hindilovepoems.com
Hindi Love Poem For Her-लबों की दस्तक
नर्म लबों की जो छुई है दस्तक। पहलू में कोई गुलजार है। फिर है मोह्बत उस आशिक़ी से। शामों को फिर तेरा इंतेजार है। गिरती है पलकें उठती है पलकें। दिल ये कैसा बेकरार है। समुन्दर के न जाने कितने है अर्से।…