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Hindi Poem on Angry Love-रूठे से वो
वो रूठे हैं इस कदर मनायें कैसे। जज़्बात अपने दिल के दिखाएँ कैसे। नर्म एहसासों की सिहरन कह रही है पास आ जाओ। सिमट जाओ मुझमें और दिल में समां जाओ। देखो लौट आओ ना रूठो हमसे। बस रह गया है तुम्हारा इंतज़ा…