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Hindi Love Poem – Gumnam Chahato Ka Silsila
गुमनाम चाहतों का सिलसिला और कितने दिन चलेगा गम का सूरज सिर पर से कभी तो ढलेगा एक सुन्हरे कल का इन्तजार करता हूँ मैं आज भी तुझसे जी भर के प्यार हूँ तुम साँसों की महक में यूँ ओझल हो जाती हो मैं और ज्…