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Hindi Love Poem – एक सपना
मैंने जो देखा था वो एक सपना था तू कौन सा अपना था मैंने किस से दिल लिया क्यों सपने को हक्कीकत बना लिया मैंने जो देखा था वो एक सपना था सपने मैं जो भी था सिर्फ एक भ्रम था वहाँ कोन सा अपना साथ था होना …