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Hindi Love Poem- इश्क़ से अंजान
माही मेरे इश्क़ को ना समझे मेरा यार, गहरा बहुत है दिल मे मेरे आज तेरा प्यार, तुझमे ही मैं खोई रहती,तुझको ही मैं सोचती, सारी दुनिया बोलती जोगन बनी मैं यार, मेरे दिल की सबने जानी पर वो वाबरा अंजान है,…