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Hindi Love Poem-आज फिर
आज फिर ये लम्हाकुछ रुक कर कुछ कह रहा है..आज फिर ये समाएक अजीब कसक सी खामोशी में रह रहा है..आज फिर ये धड़कनकुछ तेज़ तो कुछ धीमी है …आज फिर कदमों सेदूर लगती ये ज़मी है..आज फिर कोई दिल कोइस कदर सता रह…