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Hindi Romantic Poetry -नज़रों की ज़ुबान
नज़रों की ज़ुबान सिमटे वो हम में इस कदर कि हमारे जज़्बात बह गये.. बरसों से दिल में बसे एहसास थम गये.. नज़रों नज़रों में होने लगी हमारी बातें.. आँखें बन गयी दिल की ज़ुबान.. कहने लगी तुम्हारे दिल की …