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तुरीय क्या होता है?
जो ज्ञान, ज्ञाता, ज्ञेय से भी हटकर के है, और जो जाग्रति, सुषुप्ति, और स्वप्न से भी हटकर के है। जो ‘होने’ से ही हटकर के है, उसे ‘तुरीय’ कहते हैं, तुरीय माने ‘चौथा’। जो ‘होने’ से ही हटकर है, जो ‘है ह…