hindi.prashantadvait.com
मैंने पूछा
मैंने पूछा डूबते हुए सूरज से तुम्हें देख वह पक्षी क्यों घर लौटता है ? मैंने पूछा उड़ते हुए पक्षी से क्यों तुम व्यर्थ गगन गुंजाते हो? मैंने पूछा विस्तृत श्याम गगन से क्यों तुम मेघों के पीछे मुँह छुपा…