halchal.blog
ई पापा बहुत हरामी हौ!
मणियवा का बाप अस्पताल में भरती था। करीब सप्ताह भर रहा खैराती अस्पताल में। वहां मुफ्त खाना तो मिलता था, पर सादा। पीने को कुछ नहीं मिलता था। छूटने पर घर आते ही पन्नी (कच्ची शराब की पाउच) का सेवन किया…