gyanbazi.blog
Transition
आओ आज बात करते हैं ज़िन्दगी की, बचपन में जिसे माँ की गोद में जीते थे, कुछ बड़े हुए तोह खुले मैदानों और बगीचों में जीते थे, स्कूल के गलियारों में जीते थे , परचून की दुकानों में जीते थे, आओ आज बात करते…