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Nazm Uljhii Hui Hai
Lyrics by Gulzar नज़म उलझी हुई है सीने में मिस्रें अटके हुए हैं होंठों पर उड़ाते फिरते हैं तितलियों की तरह लफ्ज़ कागज़ पे बैठे ही नहीं nazm ulajhii huii hai siine me.n misre aTake hue hai.n hoTho.n pa…