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भीम दोहे
भीम दोहे ================ नीच समझ जिस भीम को, देते सब दुत्कार | कलम उठाकर हाथ में, कर गये देश सुधार ||१|| जांत-पांत के भेद की, तोड़ी हर दीवार | बहुजन हित में भीम ने, वार दिया परिवार ||२|| पानी-मंदि…