desiflavorsoflife.wordpress.com
रूह के  फ़रिश्ते 
आज फिर खुला है मेरी यादों का पिटारा.. आज फिर उन्हें करीब से मैंने है निहारा.. वो सब के सब फिर से यहाँ आ गये हैं जैसे स्कूल-ड्रेस पहने, साइकिल की घंटी बजाते मुझे लुभा गये हैं ऐसे फिर से हम साथ में ट…