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अल्ला….
कुछ फुर्सत से बनाई होगी यह निगाह मेरी तूने, देखता भी मैं तुझे हूँ, दिखता भी तू नहीं है, फिर भी जब कहीं सजदा कर लेता हूँ किसी मज़ार पर तेरी, हवाएं चुपके से केह जाती हैं इन कानो में मेरे, अल्ला हू अल…