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अधूरा ख्वाब
उस धुंधली रात का वो धुंधला सा ख्वाब जो याद है मुझे आज भी , एक रहगुज़र थी जो जा रही थी वही पुराने किले के पास , जहां हम तुम कभी मिले थे जहां तुमने अपने गम मेरे सीने मे सीले थे । न जाने कैसे थी वो…