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Halchal - हलचल » Poems » Ankush Anand 's Page
आंखों में नमी, होठों पर ये प्यारी हंसी कैसी है, सब और है खुशहाली सी, अन्दर ख़ामोशी जैसी है, गुमसुम सी मेरी ये आंखें, कभी थोड़ा भीग सी जाती हैं, कभी मैं सो नहीं पता चैन से, कभी ये पलकें झपकना भूल जाती हैं। ना हीं कहना किसी से कुछ, न किसी को बताना हैं,... Read More