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Bezubaan - बेजुबान - Speak for Those Who Cannot ⛔#StopAnimalCruelity » Poems » Ankush Anand 's Page
तड़प रही है रूह आज, और मुझसे कह रही है, जो कह न पाते अपने दर्द को, जिनकी रूह सह रही है, इंसानों से ज्यादा साथ निभाते इतिहास है इसका गवाह, दुनिया साथ छोड़ भी दे, पर नासझ होकर भी देते हमको पनाह, बेकसूर हैं जो, रहते वफादार, उनकी नर्म है छाती, अरे वो नहीं... Read More