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शायरी – 1
वो मिलना क्या जो ले जाएं, सुकून जीवन का प्रियतम के चलो बुन लें घरौंदे कुछ सुनहरे भाव, यादों के न हो जिनकी कोई सीमा, न हो परछाई भी गम की जो हो, बस प्रीत जीवन भर, निगाहे यार के दम में…