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या तुम थी ?
ये मेरे बिस्तर पे सिलवटें कैसी, रात का जादू था, या तुम थी ? आ रही है जाबाज़ा दिलरूबा खुशबू, रात का जादू था, या तुम थी ? इत्र से भीगे मोहब्बत में, हर सांस से पिघल गया तन | लोहा पिघल मोम हुआ ज़मीन पर, …