agastyakapoor.in
ए चाँद
ए चाँद, मत निकलना तू, हमे तेरी आदत नहीं | जिसे याद करते थे तुझे देख कर, अब वो दिलरुबा नहीं | चाँद संभाल तेरी चांदिनी को, बिखर ना जाये, मत कर इतनी रोशिनी कहीं रात निकल ना जाए | ए चाँद, तुझपर भी दाग है, तुझसे हसीन मेरा यार, दो आँखों का नूर है … Continue reading ए चाँद