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भटकन
रुका हु कुछ देर पलक झपकते ही उड़ जाऊंगा, कटे नहीं है पंख मेरे, बस एक सीमा के बाद मै भी तो थक जाऊंगा; थोड़ी मोहल्लत दे दे, फिर मुस्कराता भटक जाऊंगा.…