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उत्तरकाशी और गंगोत्री की यात्रा (भाग 3) Uttarkashi and Gangotri journey in Hindi (Part 3) - यात्री नामा
आरम्भ से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें। दूसरा दिन सुबह आंख खुली तो देखा बाहर बारिश हो रही है। मौसम बहुत अच्छा हो चला था। धान के खेतों पर पड़ती बारिश की बूंदे ऐसी लग रही थी मानों हरे मखमल पर मोती। हम चिन्यालीसौड़ पहुँच चुके थे। अब उत्तरकाशी अधिक दूर नहीं था। रास्ते में जगह …