shayrana.org
Dard mein bhi apne chehre ko tum hansta rakhna | Shayrana.org
​दर्द में भी अपने चेहरे को तुम हँसता रखना । मेरी ग़ज़लों से तुम ख़ुद को बावस्ता रखना ।आपके अपनों में शामिल हूँ इतना काफी है,लेकिन मुझको अपने दिल का भी हिस्सा रखना ।दुआ है मेरी शोहरत आपके क़दमोँ को चूमेलेकिन मुझ तक वापस आने का रस्ता रखना ।ख़ुश रहने का राज़ बताया है नेहरु जी ने, नन्हे-मुन्ने बच्चों से तुम भी रिश्ता रखना ।तितली का इल्ज़ाम है कि तुम गुल के क़ातिल हो,फूल क़िताबों में ना कोई आइन्दा रखना । siraj faisal khan