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Dikhai diye yoon ki bekhud kiya | Shayrana.org
दिखाई दिये यूं कि बेख़ुद किया हमें आप से भी जुदा कर चले जबीं सजदा करते ही करते गई हक़-ए-बन्दगी हम अदा कर चले परस्तिश की यां तक कि अय बुत तुझे नज़र में सभों की ख़ुदा कर चले बहुत आरज़ू थी गली की तेरी सो यां से लहू में नहा कर चले Mir taqi mir