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Hind mein to mazhabi halat hai ab nagufta beh | Shayrana.org
हिन्द में तो मज़हबी हालत है अब नागुफ़्ता बेह मौलवी की मौलवी से रूबकारी हो गईएक डिनर में खा गया इतना कि तन से निकली जानख़िदमते-क़ौमी में बारे जाँनिसारी हो गईअपने सैलाने-तबीयत पर जो की मैंने नज़रआप ही अपनी मुझे बेएतबारी हो गईनज्द में भी मग़रिबी तालीम जारी हो गईलैला-ओ-मजनूँ में आख़िर फ़ौजदारी हो गई Akbar Allahbadi