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Aapse behad muhabbat hai mujhe | Shayrana.org
आपसे बेहद मुहब्बत है मुझे आप क्यों चुप हैं ये हैरत है मुझेशायरी मेरे लिए आसाँ नहींझूठ से वल्लाह नफ़रत है मुझेरोज़े-रिन्दी है नसीबे-दीगराँशायरी की सिर्फ़ क़ूवत है मुझेनग़मये-योरप से मैं वाक़िफ़ नहींदेस ही की याद है बस गत मुझेदे दिया मैंने बिलाशर्त उन को दिलमिल रहेगी कुछ न कुछ क़ीमत मुझे Akbar Allahbadi