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Is daur-e-bejunu ki kahani koi likho | Shayrana.org
इस दौर-ए-बेजुनूँ की कहानी कोई लिखो जिस्मों को बर्फ़ ख़ून को पानी कोई लिखोकोई कहो कि हाथ क़लम किस तरह हुए क्यूँ रुक गई क़लम की रवानी कोई लिखो क्यों अहल-ए-शौक़ सर-व-गरेबाँ हैं दोस्तो क्यों ख़ूँ-ब-दिल है अहद-ए-जवानी कोई लिखो क्यों सुर्मा-दर-गुलू है हर एक तायर-ए-सुख़न क्यों गुलसिताँ क़फ़स का है सानी कोई लिखो हाँ ताज़ा सानेहों का करे कौन इंतज़ारहाँ दिल की वारदात पुरानी कोई लिखो Ahmed Faraz