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Kyon dare zindagi mein kya hoga | Shayrana.org
क्‍यों डरें ज़िन्‍दगी में क्‍या होगा कुछ ना होगा तो तज़रूबा होगाहँसती आँखों में झाँक कर देखोकोई आँसू कहीं छुपा होगाइन दिनों ना-उम्‍मीद सा हूँ मैंशायद उसने भी ये सुना होगादेखकर तुमको सोचता हूँ मैं क्‍या किसी ने तुम्‍हें छुआ होगा Javed akhtar