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Agar talash karun koi mil hi jayega | Shayrana.org
अगर तलाश करूँ कोई मिल ही जायेगा मगर तुम्हारी तरह कौन मुझे चाहेगा तुम्हें ज़रूर कोई चाहतों से देखेगा मगर वो आँखें हमारी कहाँ से लायेगा ना जाने कब तेरे दिल पर नई सी दस्तक हो मकान ख़ाली हुआ है तो कोई आयेगा मैं अपनी राह में दीवार बन के बैठा हूँ अगर वो आया तो किस रास्ते से आयेगा तुम्हारे साथ ये मौसम फ़रिश्तों जैसा है तुम्हारे बाद ये मौसम बहुत सतायेगा - बशीर बद्र