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वो अब बड़ी हो चुकी है-कविता - Shailism
वो अब बड़ी हो चुकी है- कविता। नन्हें क़दम जैसे-जैसे बड़े होते जाते है वैसे-वैसे वो अपनी मासूमियत को पीछे उन गलियों में छोड़ आगे निकल जाया करते करते है।जँहा उन्होंने चलना सिखा था।#hindikavita #कविता Shailism