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वो सुनहरे अल्फ़ाज़ों की नज़्म बन गई - कविताएँ - Shailism
वो सुनहरे अल्फ़ाज़ों की नज़्म बन गई- कविताओं का संग्रह। चंद नज़्में है एक अनजान रिश्ते पर।रिश्ता जिसका कोई नाम नहीं। पर नज़्म इससे बनते रहते है। shailism नज़्म, कविता, हिंदी कविता,poem।