poshampa.org
परसाई के हनुमान: प्रथम साम्यवादी या प्रथम स्मगलर? - पोषम पा
Hindi Satire 'Ramkatha Kshepak' from 'Apni Apni Beemari', a book by Harishankar Parsai. हरिशंकर परसाई की किताब अपनी-अपनी बीमारी' से लिए गए इस व्यंग्य 'रामकथा क्षेपक' में परसाई ने राम के अयोध्या लौटने के प्रसंग को और हनुमान के संजीवनी लेकर आने की घटना को बड़े ही रोचक ढंग से आधुनिक युग के विभिन्न वर्गों के भ्रष्टाचार से जोड़कर दिखाया है।