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मकाँ | यश शर्मा
गर आओगी इस मकाँ कभी तो इसे उजड़ा हुआ पाओगी वीराना कमरा भी होगा एक पर अब वो कमरा भी क्या उस कमरे में जा के देखना वो चादर की सिलवटें और कुछ तस्वीरें तुम्हारीContinue reading