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प्रेम की भिक्षा मांगे भिखारन : कान्हा देख तेरी गोपियाँ तड़प रहीं…
कहते हैं विधवाएं हैं, परित्यक्ता हैं, सताई हुईं, बेघर, बच्चों ने घर से निकाल दिया या खुद ही बच्चों के दुर्व्यवहार से घर छोड़ आईं, कुछ जीवन की तलाश में, कुछ मृत्यु की तलाश में तो कुछ मोक्ष की तलाश मे…