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चौका
कष्ट में मन, देश की बालाएं रोती; चीख पुकार, मन को हिला देती; आंसू बहते, माता पिता रोते हैं; नहीं चाहती, फिर भी अपमान, सह रहीं हैं, कृष्ण तुम कहां हो? बालिकाएं बचाओ