nikhil patel

तुमने देखा हि नहीं

तुमने देखा हि नहीं ..

तुमको फुरसत से कभी,

देख लेती तो समझ पाती ..

हमारी उलझने सभी ..!!


तुमने सुनी ही नहीं ..

तुम्हारी खिलखिलाती ये हंसी,

अगर सुन लेती तो समझ पाती ..

ये जान क्यों है तुम में फसीं ..!!


गौर तुम फर्माती अगर कभी अपनी ..

इन नशीली आँखों पे,

समझ लेती जाम क्यों छलका था ..

उस दिन हमारी हातों से ..!!


तुमने महसूस नहीं की है ..

शायद अपनी दिल की धड़कने कभी,

महसूस कर पाती तो ..

समझ लेती मेरे दिल का हाल अभी ..!!


- निखिल पटेल (१६/०३/२०१६)